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हजरत मुहम्मद जी को भी परमात्मा मक्का में जिन्दा महात्मा के रूप में मिले थे।जिस समय नबी मुहम्मद काबा मस्जिद में हज के लिए गए हुए थे तथा उनको अपने लोक में ले गए जो एक ब्रह्माण्ड में राजदूत भवन रूप में बना है, परमात्मा ने हजरत मुहम्मद जी को समझाया तथा अपना ज्ञान सुनाया परन्तु हजरत मुहम्मद जी ने परमात्मा के ज्ञान को नहीं स्वीकारा और न सत्यलोक में रहने की इच्छा व्यक्त की। इसलिए हजरत मुहम्मद को वापिस शरीर में भेज दिया। उस समय हजरत मुहम्मद जी के कई हजार मुसलमान अनुयायी बन चुके थे, उनकी महिमा संसार में पूरी गति से फैल रही थी और कुरआन के ज्ञान को सर्वोत्तम मान रहे थे।- बाखबर संत रामपाल जी महाराज#TheLifeOfProphetMuhammad#Allah#Allahuakbar#Eid#EidMiladUnNabi#EidMubarak#SantRampalJiMaharaj#AllahKabir
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