#Aao_JainDharm_Ko_Jaaneinमहावीर जैन के द्वारा चलाये गए 363 पाखंड मतों के अनुसार भक्ति करने से मोक्ष संभव नहीं है। भगवद्गीता जी में लिखा है कि शास्त्रविधि को त्यागकर मनमाना आचरण करने से कोई लाभ नहीं मिलता।