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GodNightMondayऐसा दृढ़ मता कराही। जैसे सूरा लेत लड़ाई।।टूक-टूक हो मरै रण के मांही। पूठा कदम कबहू हटावै नांही।।जैसे सती पति संग जरही। ऐसा दृढ़ निश्चय जो करही।।साहेब मिलै जग कीर्ति होई। विश्वास कर देखो कोई।।परमेश्वर उस सतगुरू के रूप में उपदेशी की सहायता करता है। इसलिए सतगुरू जी की शरण में आने के पश्चात् ज्ञानवान साधक परमेश्वर में ऐसी लग्न लगाए जैसी 1. मृग 2. पतंग 3. सती 4. शूरवीर लगाते हैं। अपने उद्देश्य से पीछे नहीं हटते। शूरवीर टुकड़े-टुकड़े होकर पृथ्वी पर गिर जाना बेहतर मानते हैं। पीछे कदम नहीं हटाते।भक्त भक्ति मार्ग में संघर्ष करते हुए भक्ति करके शरीर त्याग जाता है तो सतलोक सुख सागर में सदा के लिए सुखी हो जाता है। जन्म-मरण का संकट सदा के लिए समाप्त हो जाता है।
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