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[28/10, 20:36] 2: हमें नर शरीर मिला है जो परमात्मा के शरीर जैसा अर्थात उसी का स्वरूप है। इसके मिलने के पश्चात प्राणी को आजीवन भगवान की भक्ति करनी चाहिए। यदि मनुष्य शरीर प्राप्त करके सत्य भक्ति नहीं कर के हम 8400000 योनियों वाले चक्र में जा रहे हैं तो धिक्कार है हमारे मानव जीवन को।[28/10, 20:37] 2: #GodNightFriday
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